अन्य फ्लू की ही तरह है कोरोना वायरस, ये सावधानियां बरतने की सबसे ज्यादा आवश्यकता- डॉ. संकल्प द्विवेदी

भिलाई नगर। कोरोना ने जहां पूरे विश्व को पूरी तरह से परेशान कर रखा है, वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इसे बहुत बड़ी परेशानी नहीं मानते। हालांकि इन विशेषज्ञों का ये जरूर मानना है कि इस वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता के साथ सकारात्मकता की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। इस संबंध में चर्चा करते हुए श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइस के डीन डॉ. संकल्प द्विवेदी ने बताया कि कोविद-19 या कोरोना वायरस संक्रमण के 85 फीसदी मरीज लक्ष्णों के आधार पर इलाज से जल्द ही ठीक हो जाते हैं। शेष मरीजों का इलाज निगरानी में करने की जरूरत पड़ती है। इनमें से भी केवल 5 प्रतिशत मरीजों को ही गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। कुछ मामलों में वेंटीलेटर की आवश्यकता भी पड़ती है।
डॉ संकल्प ने बताया कि वैश्विक आंकड़े बताते हैं कि यह भी अन्य फ्लू की तरह एक फ्लू ही है। रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने पर यह रोगी को बुरी तरह से जकड़ लेता है। ऐसे मरीजों की मृत्यु तक हो सकती है। इनमें ऐसे लोग आते हैं जिनकी उम्र काफी हो गई है, जिनमें कोमॉर्बिडिटी है। ऐसे लोग भी आते हैं जिन्हें फेफड़े या श्वांस संबंधी कोई रोग हो। ऐसे रोग जिनका कैंसर या ऐसी किसी गंभीर बीमारी के लिए इलाज चल रहा हो। ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बचाव के लिए हम सभी को यह सतर्कता बरतनी होगी कि हम सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करें। भीड़ भाड़ वाली जगहों में न जाएं। बिना अति आवश्यक कार्य के घर से बाहर न निकलें। हाथों को लगातार धोते रहें, सैनेटाइज करते रहें। इस तरह से हम इसके चक्र को तोड़ पाएंगे और वायरस का खात्मा भी हो जाएगा।